पिघलता हिमालय से प्रकाशित पुस्तकें
गमनाम असंख्य कलाकारों ने कला के रूप देखे होंगे जिनका उल्लेख नहीं मिल पाता है। संगीत कला की एक ऐसी ही मणि बुलांकीराम हैं, जिनसे भारत-नेपाल सीमा में अपना जीवन संगीत जगत को समर्पित कर दिया। ठा0सुखवासी चन्द्र मास्टर उपर्फ बुलांकी राम नाम से पिथौरागढ़ जनपद तथा नेपाल सीमा से लगे बड्डा, झूलाघाट, जौलजीवी एवं नेपाल के गांवों में संगीत की मध्ुर स्वर लहरियां बिखेरते रहने वाले इस कलाकार का साध्क जीवन ‘संगीत मणि’ पुस्तक में प्रस्तुुत किया गया है। इसमें जिज्ञासुओं को एक कलाकार की जीवनी का रोमांच मिलेगा तथा शोध्कर्ताओं को एक आयाम मिलेगा।
पुस्तक में हिमालय संगीत शोध् समिति की प्रारम्भिक यात्रा से लेकर कई रोचक जानकारियां भी दी गई हैं।
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